आंगनबाड़ी केंद्रों में सजा सेवा का आंगन, 212 केंद्रों में आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’
स्वास्थ्य, पोषण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ बढ़ी समुदाय की सहभागिता
कवर्धा, 26 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत कबीरधाम जिले के 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में शुक्रवार को ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों, महिलाओं, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और स्वसहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी परिवारों तक पहुंचाना और ‘विकसित भारत 2047’ के लिए नागरिक संकल्प को मजबूत करना रहा।
*‘मेरी पौष्टिक थाली’ से दिया सुपोषण का संदेश*
आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्यान्न, हरी सब्जियों और फलों से तैयार ‘मेरी पौष्टिक थाली’ का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से संतुलित आहार और कुपोषण से बचाव का संदेश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक टीकाकरण भी किया गया।
*खेल और रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों में उत्साह*
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। स्थानीय जनभागीदारी से ‘न्योता भोज’ कराया गया तथा बच्चों को फल और मिठाइयां वितरित की गईं। महिलाओं और युवतियों के लिए मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं। ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ में सुपोषित बच्चों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘पोषण वाटिका’ विकसित करने के लिए फलदार एवं पौष्टिक सब्जियों के पौधे लगाए गए। साथ ही ‘घर-घर मुनगा’ लगाने का संकल्प लिया गया। बच्चों के मानसिक एवं रचनात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए समुदाय से खिलौने और खेल सामग्री दान करने प्रेरित करते हुए ‘खिलौना बैंक’ को समृद्ध करने की पहल भी की गई।
*हितग्राहियों ने साझा किए अनुभव, उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान*
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं नवीन पात्र हितग्राहियों का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मौके पर पंजीयन भी किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। जिले के सभी 212 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से बच्चों, महिलाओं और समुदाय को जोड़ते हुए पोषण, स्वास्थ्य और जनभागीदारी का संदेश दिया गया।


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