Header Ads Widget

Responsive Advertisement

Recent posts

Show more
भोरमदेव में इको-टूरिज्म को मिली नई पहचान, उप मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव और 6 किमी इको ट्रेल का किया शुभारंभ
प्रशासन के लिखित आश्वासन और जांच आदेश के बाद कबीरधाम में आदिवासियों का अनिश्चितकालीन धरना स्थगित; 10 दिनों में मांगें पूरी न होने पर चक्काजाम की चेतावनी
अपराधिक गतिविधियो पर लोहारा पुलिस की लगातार प्रभावी कार्यवाही
जिला अस्पताल सहित पांच प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का ईट राइट कैंपस एवं हाइजीन रेटिंग ऑडिट संपन्न
*13 से 18 जुलाई तक जिले में चलेगा विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान, गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए पात्र बालिकाओं को लगाया जाएगा निःशुल्क टीका*  *अब तक 1177 बालिकाओं का सुरक्षित टीकाकरण*  *14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के लिए विशेष अभियान*  कवर्धा, 10 जुलाई 2026। गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बालिकाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कबीरधाम जिले में 13 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि जिले में एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत 16 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय से की गई थी। वर्तमान में जिला चिकित्सालय सहित जिले के सभी 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा कोल्ड चेन प्वाइंट वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से रविवार एवं सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक टीकाकरण किया जा रहा है। विशेष अभियान के दौरान भी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण निर्धारित केंद्रों पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का प्रमुख कारण है। विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 74 हजार से 77 हजार महिलाओं की मृत्यु गर्भाशय कैंसर के कारण होती है, जिनमें लगभग एक-तिहाई मौतें भारत में होती हैं। ऐसे में समय पर लगाया गया एचपीवी टीका इस गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी माध्यम है। टीकाकरण के लिए बालिका की आयु का सत्यापन आधार कार्ड अथवा जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर किया जाएगा। एचपीवी वैक्सीन 0.5 एमएल की एकल (सिंगल) डोज के रूप में बाईं ऊपरी बांह में लगाई जाएगी। गर्भावस्था की स्थिति में टीका नहीं लगाया जाएगा तथा लाभार्थी को खाली पेट टीका नहीं लगवाना चाहिए। टीकाकरण के बाद तर्जनी उंगली पर मार्किंग की जाएगी, टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा तथा किसी भी संभावित सामान्य प्रतिक्रिया की निगरानी के लिए लाभार्थी को 30 मिनट तक केंद्र पर रुकना होगा। टीकाकरण से पूर्व पालक की सहमति भी ली जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 1177 बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है तथा टीकाकरण के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। इससे स्पष्ट है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है। उन्होंने यह भी बताया कि यही वैक्सीन निजी अस्पतालों में लगभग 4,000 से 6,000 रुपये की लागत से उपलब्ध है, जबकि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में यह पात्र बालिकाओं को निःशुल्क प्रदान की जा रही है। उन्होंने सभी पालकों से विशेष टीकाकरण अभियान का लाभ उठाकर अपनी बेटियों को गर्भाशय कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने की अपील की।
स्वच्छता दीदियां बनीं गांवों की ब्रांड एंबेसडर, घर-घर पहुंचकर कर रहीं कचरा संग्रहण और स्वच्छता का संदेश
भूमिहीन मजदूर गनेशु डहरिया के जीवन में आई आर्थिक मजबूती, योजना बनी परिवार का सहारा