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स्वच्छग्रही सिर्फ कचरा नहीं उठाते, गांवों में स्वच्छता की संस्कृति भी गढ़ रहे हैं: सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल

 



स्वच्छग्रही सिर्फ कचरा नहीं उठाते, गांवों में स्वच्छता की संस्कृति भी गढ़ रहे हैं: सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल

ओडीएफ प्लस की सफलता की असली ताकत बने स्वच्छग्रही

घर-घर स्वच्छता का संदेश दे रहे स्वच्छग्रही, 2 अक्टूबर तक 60 ग्राम पंचायतों में ओडीएफ प्लस लक्ष्य पर फोकस


कबीरधाम, 17 जुलाई 2026/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले की 60 ग्राम पंचायतों को 2 अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट नियम-2026 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि "ओडीएफ प्लस की सफलता की कुंजी स्वच्छग्रही हैं। ये सिर्फ कचरा नहीं उठाते, गांव को स्वच्छता का ज्ञान भी देते हैं।" उन्होंने बताया कि स्वच्छग्रही प्रतिदिन घर-घर जाकर चार श्रेणियों में ठोस अपशिष्ट का संग्रहण करने के साथ-साथ ग्रामीणों को सोर्स सेग्रीगेशन, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, खतरनाक एवं विशेष कचरे के सुरक्षित निपटान, जैविक खाद निर्माण तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी भी दे रहे हैं।


सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छग्रही घर-घर कचरा संग्रहण एवं चार श्रेणियों में पृथक्करण, स्वच्छता, ओडीएफ प्लस की स्थायित्व एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता, कचरा प्रसंस्करण केंद्रों के संचालन एवं रख-रखाव, सार्वजनिक स्थानों, नालियों एवं बाजारों की नियमित साफ-सफाई एवं निगरानी के साथ-साथ भोजन करने से पहले तथा शौच के बाद साबुन से हाथ धोने जैसी स्वच्छ आदतों के प्रति भी ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण के साथ-साथ स्लज का सुरक्षित निपटान और ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक उपचार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनिवार्य घटक हैं। इसी उद्देश्य से जिले में एफएसटीपी एवं कचरा प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की गई है। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिए कि स्वच्छग्रहीयों को आवश्यक संसाधन, उपकरण तथा समय पर मानदेय उपलब्ध कराया जाए, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके।


सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छग्रहीयों के कार्य में सहयोग करें तथा अपने घरों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित चार श्रेणियों में पृथक कर स्वच्छग्रही को ही सौंपें, ताकि जिले की सभी चयनित ग्राम पंचायतें समयबद्ध रूप से ओडीएफ प्लस के लक्ष्य को प्राप्त कर स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामों के रूप में विकसित हो सकें।

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