कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं कृषि विज्ञान केन्द्र में सीख रहे तकनीकी ज्ञान
कवर्धा, 06 जनवरी 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के तहत संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं को रेडी/रावे कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र में 05 जनवरी 2026 से 07 जनवरी 2026 तक संलग्न किया गया है। कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं को उद्यानिकी, शस्य विज्ञान, कीट विज्ञान, रोग विज्ञान, वानिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी के नई तकनीक एवं केन्द्र में संचालित अनुसंधान कार्यों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डाॅ. बी. पी. त्रिपाठी द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख उद्देश्य एवं गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई तथा धान, दलहन, तिलहन एवं सब्जियों, फलों के विभिन्न रोग, रोगकारक तथा उनके निदान के संबंध में छात्र-छात्राओं को बताया गया तथा कीट एवं रोग प्रबंधन के लिए किये जा रहे प्रक्षेत्र परीक्षण एवं अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के बारे में अवगत कराया गया।
विषय वस्तु विशेषज्ञ, उद्यानिकी, डाॅ. एन. सी. बंजारा द्वारा फलदार पौधों में वानस्तिक प्रर्वधन विधि जैसे गुटी बांधना, कटिंग, बडिंग, ग्राफ्टिंग फलदार वृक्षों को रोग से बचाव के लिए बोर्डो पेस्ट बनाने की विधि, सब्जियों के बीज उत्पादन विधि, सब्जियों के नर्सरी बेड बनाने की विधि का जीवंत प्रदर्शन कराया गया तथा मशरूम उत्पादन की जानकारी दी गई। जिले में हो रहे व्यवसायिक सब्जी जैसे टमाटर, ग्राफ्टेड बैंगन, अरबी, प्याज एवं फल केला एवं पपीता की वैज्ञानिक तकनीक से खेती कर एक व्यवसाय के रूप में अपनाकर छात्र-छात्राएं अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
इजी. टी. एस. सोनवानी ने फसलों में उपयोग आने वाले नवीन मशीनों के उपयोग तथा रख रखाव की जानकारी दी। डाॅ. बी. एस. परिहार, विषय वस्तु विशेषज्ञ, शस्य विज्ञान मे धान, दलहन, तिलहन की वैज्ञानिक शस्य क्रियाओं तथा केन्द्र में संचालित बीज उत्पादन कार्यक्रम, सीड हब योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डाॅ. सी.पी. रहांगडाले, विषय वस्तु विशेषज्ञ, वानिकी ने एग्रो वानिकी के विधियों की विस्तृत जानकारी दी। छात्र-छात्राओं को प्रक्षेत्र के समन्वित कृषि प्रणाली जैसे कुक्कुट पालन, डेयरी पालन, मछली सह बत्तख पालन, मातृ बगीचा एवं बीज उत्पादन इकाई का भ्रमण एवं उनकी जानकारी दी गई। रावे कार्यक्रम के तहत संत कबीर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कवर्धा, के 70 छात्र-छात्राएं संलग्न हुए है।


0 Comments