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कलेक्टर ने स्वामित्व योजना और डिजिटल फसल सर्वेक्षण रबी के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

 



कलेक्टर ने स्वामित्व योजना और डिजिटल फसल सर्वेक्षण रबी के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और लघु सिंचाई एवं जल निकाय गणना कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश

कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने अधिकारियों की ली बैठक

      कवर्धा, 10 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्वामित्व योजना, डिजिटल फसल सर्वेक्षण रबी 2026, पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना तथा लघु सिंचाई संगणना एवं द्वितीय जल निकायों गणना की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख श्री आर.बी.देवागंन, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री गजेन्द्र साहू सभी तहसीलदार और राजस्व निरक्षक उपस्थित थे। 

       कलेक्टर ने बैठक में स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण नागरिकों को उनके मकान और भूमि का कानूनी अधिकार दिलाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए और प्रत्येक तहसील में कम से कम 1500 अधिकार अभिलेख 20 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से तैयार किए जाएं। कलेक्टर ने बताया कि जिले में आगामी समय में अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जाना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

       कलेक्टर श्री वर्मा ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण रबी वर्ष 2026 के तहत एग्रीस्टेक परियोजना की भी  विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 973 ग्रामों में जियो-रेफरेंसिंग के माध्यम से डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाना है। यह कार्य 14 फरवरी 2026 तक पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। समीक्षा में बताया गया कि तहसील पिपरिया में अब तक 693 सर्वे कार्य और तहसील सहसपुर लोहारा में 192 सर्वे कार्य पूरे हो चुके हैं। कलेक्टर ने शेष तहसीलों में कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डिजिटल फसल सर्वेक्षण रबी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वेक्षण का कार्य तत्काल प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

      कलेक्टर श्री वर्मा ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत पंजीयन, सत्यापन और लाभ वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने योजना के तहत चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को शेष बचे हितग्राहियों का सत्यापन तथा संबंधित डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

      कलेक्टर श्री वर्मा ने लघु सिंचाई संगणना एवं द्वितीय जल निकायों गणना की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने पाया कि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। इस पर कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से सभी पटवारियों को लघु सिंचाई संगणना एवं द्वितीय जल निकायों से संबंधित मोबाइल एप का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के बाद इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से करते हुए शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए।

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