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सेवा संकल्प अभियान: पीएम-अजय योजना से हिरौंदी टोण्ड्रे बनीं आत्मनिर्भर, कपड़ा सिलाई सेंटर से संवारी परिवार की जिंदगी




सेवा संकल्प अभियान: पीएम-अजय योजना से हिरौंदी टोण्ड्रे बनीं आत्मनिर्भर, कपड़ा सिलाई सेंटर से संवारी परिवार की जिंदगी

शासकीय योजना से मिला आर्थिक संबल, स्वरोजगार के साथ बच्चों की पढ़ाई भी हुई बेहतर


कवर्धा, 16 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं। इन योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कबीरधाम जिले के ग्राम बरहट्टी, पोस्ट राजानवागांव, तहसील बोड़ला निवासी श्रीमती हिरौंदी टोण्ड्रे की कहानी भी ऐसी ही है, जिन्होंने अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना का लाभ लेकर कपड़ा सिलाई सेंटर शुरू किया और आज सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं।

श्रीमती हिरौंदी टोण्ड्रे पहले छोटे दुकान संचालन एवं कृषि कार्य के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें जिला अंत्यावसायी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिली। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने विभाग से संपर्क कर कपड़ा सिलाई सेंटर के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री अभ्युदय (पीएम-अजय) योजनांतर्गत उन्हें कपड़ा सिलाई सेंटर के लिए ऋण स्वीकृति के विरुद्ध 50 हजार रुपये की अनुदान राशि एवं ऋण राशि का लाभ मिला। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपना सिलाई सेंटर शुरू किया। व्यवसाय शुरू होने के बाद उनके लिए आय का स्थायी साधन तैयार हुआ और उनकी आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगा।

श्रीमती हिरौंदी बताती हैं कि योजना उनके और उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई है। अब उन्हें रोजगार की तलाश में भटकना नहीं पड़ता। सिलाई सेंटर से होने वाली आमदनी से वे परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी बेहतर ध्यान दे पा रही हैं। छोटी-मोटी आवश्यकताओं के लिए अब उन्हें सेठ-साहूकारों से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि वे योजना के तहत प्राप्त ऋण की किस्तों का नियमित रूप से भुगतान कर रही हैं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले मार्गदर्शन से उन्हें व्यवसाय को संचालित करने और आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

आज श्रीमती हिरौंदी टोण्ड्रे अपने कपड़ा सिलाई सेंटर के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें स्वरोजगार का अवसर दिया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती हिरौंदी कहती हैं कि जिला अंत्यावसायी विभाग की यह योजना मेरे और मेरे परिवार के लिए वरदान की तरह साबित हुई है। योजना से मिली सहायता से मैं अपना कपड़ा सिलाई सेंटर शुरू कर सकी। अब मुझे काम की तलाश में भटकना नहीं पड़ता और अपने बच्चों की पढ़ाई भी अच्छे से करा पा रही हूं। मैं नियमित रूप से ऋण की किस्तें जमा कर रही हूं। योजना का लाभ और समय-समय पर मिले मार्गदर्शन के लिए मैं विभाग की हृदय से आभारी हूं।

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