सोनवाही आश्रम का जर्जर भवन ध्वस्त कर नया निर्माण कराएं और कवर्धा आवासीय विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक पदस्थ करें: छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद
कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन, तुरंत कार्रवाई की मांग
जर्जर भवन से बच्चों की जान को खतरा, तो 50 से अधिक छात्रों पर केवल 1 शिक्षक
कबीरधाम (छत्तीसगढ़) | 23 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, जिला शाखा कबीरधाम द्वारा जिले के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विद्यालयों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर छात्र हित और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याओं के समाधान हेतु जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कबीरधाम को ज्ञापन सौंपा गया।
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष श्री कामू बैगा एवं पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में जिले के दो प्रमुख आदिवासी शिक्षण संस्थानों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है:
सोनवाही आदिवासी बैगा आश्रम (विकासखंड बोड़ला):
परिषद की टीम द्वारा 14 जुलाई 2026 को सोनवाही आश्रम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि आश्रम का स्कूल भवन अत्यंत जर्जर एवं क्षतिग्रस्त अवस्था में है। वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए जर्जर छत गिरने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जिससे मासूम बच्चों की सुरक्षा दांव पर है। परिषद ने मांग की है कि इस भवन को तत्काल ध्वस्त (डिसमेंटल) कर नए भवन का निर्माण कराया जाए। यदि किसी देरी के कारण कोई अनहोनी या जान-माल की हानि होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
विशेष पिछड़ी जनजाति आवासीय विद्यालय (कवर्धा):
23 जुलाई 2026 को किए गए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस विद्यालय में 50 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, परंतु उनके अध्यापन के लिए केवल 01 ही शिक्षक पदस्थ हैं। शिक्षकों की भारी कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। परिषद ने यहां तत्काल पर्याप्त अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की मांग की है।
छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष श्री कामू बैगा ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों की सुरक्षा और उनके शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इन मांगों पर बिना विलंब त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।
ज्ञापन सौंपते समय प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से महासचिव दिलावर पारधी, कमल कुमार धुर्वे, कोषाध्यक्ष ओमकार सिंद्राम, महामंत्री सलीम पारधी, महेश धुर्वे, हेमलाल मरकाम एवं राजेंद्र कुमार धुर्वे विशेष रूप से उपस्थित रहे।



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