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वन स्थायी समिति की बैठक संपन्न

 




क्रमांक 10

दिनांक 03.04.2026

वन स्थायी समिति की बैठक संपन्न

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, कवर्धा वनमंडल द्वारा दिनांक 02.04.2026 को वनमंडल कार्यालय, कवर्धा के सभाकक्ष में वन स्थायी समिति की बैठक संपन्न हुई।




बैठक में मुख्य रूप से श्री राजकुमार मेरावी (सभापति, वन स्थायी समिति), श्री लोकचंद साहू (जिला पंचायत सदस्य), श्री रूप सिंह धुर्वे (जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि), श्री महेन्द्र धृतलहरे (जिला अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा), श्रीमती राजेश्वरी धृतलहरे (जिला पंचायत सदस्य), श्रीमती ललिता रूप सिंह धुर्वे (जिला पंचायत सदस्य), श्री निखिल अग्रवाल (वनमंडलाधिकारी, कवर्धा), श्री अभिनव केशरवानी (उप वनमंडलाधिकारी, कवर्धा), श्री सुयशधर दीवान (उप वनमंडलाधिकारी, पंडरिया), श्री शिवेन्द्र भगत (उप वनमंडलाधिकारी, सहसपुर लोहारा), श्रीमती अनिता साहू (अधीक्षक, भोरमदेव अभ्यारण्य), श्री कीर्तिवर्धन (संलग्नाधिकारी) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


बैठक के प्रमुख एजेण्डों में—


संयुक्त वन प्रबंधन समिति के कार्य,

वर्ष 2025-26 के कार्यों की समीक्षा,

राजसात वाहनों की स्थिति,

चक्रीय निधि की राशि—पर विस्तृत चर्चा की गई।


श्री कीर्तिवर्धन द्वारा पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि संयुक्त वन प्रबंधन समितियों में उपलब्ध राशि का उपयोग निम्नानुसार किया जाता है—


60% राशि आय एवं रोजगार मूलक कार्यों (मछली पालन, बकरी/मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, बांस शिल्प, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण आदि) में,

20% राशि सिंचाई विकास (स्टॉप डैम मरम्मत, नहर/नाली सफाई, तालाब निर्माण) में,

10% राशि अधोसंरचना विकास (रपट/पुलिया, मंच, सामुदायिक भवन, बाउंड्रीवाल, सोलर लाइट आदि) में,

10% राशि पेयजल व्यवस्था (बोर खनन, हैंडपंप, नल-जल योजना) में व्यय की जाती है।


वर्ष 2025-26 के दौरान उक्त राशि का उपयोग विभिन्न परिक्षेत्रों में रोजगार, सिंचाई एवं अधोसंरचना संबंधी कार्यों में किया गया है। कवर्धा वनमंडल के अंतर्गत विभिन्न उप वनमंडलों में लगभग 8 राजसात वाहन उपलब्ध हैं, जिनके नियमानुसार निर्वर्तन की कार्यवाही की जा रही है।


चक्रीय निधि के अंतर्गत हितग्राहियों एवं समितियों को विभिन्न प्रकार के ऋण (वाहन ऋण, गल्ला खरीद, मड हाउस, समूह ऋण, बकरी पालन, एस.एच.जी. आधारित आजीविका आदि) प्रदान किए जाते हैं। इन ऋणों पर 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से 5 वर्षों की अवधि में मासिक किस्त (ईएमआई) के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था है।


वनमंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल द्वारा समिति के सभापति एवं सभी सदस्यों से इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता बढ़ाने का अनुरोध किया गया, ताकि अधिक से अधिक हितग्राही इसका लाभ उठा सकें।


बैठक में समिति के सभापति श्री राजकुमार मेरावी एवं श्री लोकचंद साहू द्वारा चक्रीय निधि के अंतर्गत वितरित ऋणों की समय पर वसूली सुनिश्चित करने हेतु संबंधित ऋणधारियों को नोटिस जारी करने एवं शेष राशि शीघ्र जमा कराने का सुझाव दिया गया, जिससे अन्य हितग्राहियों को भी लाभ मिल सके।


साथ ही सरोधा जलाशय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु श्रमिकों की नियुक्ति, अवैध गतिविधियों की रोकथाम एवं अतिक्रमणकारियों को तत्काल बेदखल करने के निर्देश दिए गए। वनों को अग्नि से सुरक्षित रखने हेतु सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास करने पर सहमति बनी।


इसके अतिरिक्त “किसान वृक्ष मित्र योजना” के अंतर्गत अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा वन क्षेत्रों के समीप रहने वाले ग्रामीणों से पशु चराई हेतु वन क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील की गई।

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