मातृत्व देखभाल में सहायक बन रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
माहेश्वरी साहू को मिला सुरक्षित मातृत्व का सहयोग
कवर्धा, 13 मार्च 2026। माँ बनने का समय खुशी के साथ-साथ कई जिम्मेदारियां भी लेकर आता है। गर्भावस्था के दौरान माँ और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है। इसके लिए पौष्टिक आहार, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित देखभाल की जरूरत होती है। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है, जो गर्भवती महिलाओं को सहयोग प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मदद कर रही है।
कबीरधाम जिले के ग्राम नारीगठुली की रहने वाली श्रीमती माहेश्वरी साहू भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार गर्भवती हुईं तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के संपर्क में आईं। वहीं से उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया। माहेश्वरी साहू ने बताया कि आवेदन करने के लगभग दो महीने बाद उन्हें पहली किस्त के रूप में 3 हजार रुपये की राशि मिली। प्रसव के बाद दूसरी किस्त के रूप में 2 हजार रुपये उनके बैंक खाते में जमा हुए। इस प्रकार उन्हें कुल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।
श्रीमती साहू ने बताया कि इस राशि का उपयोग उन्होंने दूध, फल, पौष्टिक आहार और अन्य स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया। गर्भावस्था के दौरान बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने में यह सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित हुई। श्रीमती माहेश्वरी साहू का कहना है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा और आत्मविश्वास का माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सरकार की संवेदनशील और सराहनीय पहल है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार ले सकें और माँ व बच्चे का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर गर्भवती महिला को कुल 5 हजार रुपये दिए जाते हैं, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होते हैं। वहीं यदि दूसरा बच्चा बालिका हो तो महिला को 6 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है।


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