माताओं के स्वास्थ्य और शिशु के भविष्य को संवार रही मातृ वंदना योजना
जिले में 18.41 हजार गर्भवती महिलाओं को मिली 7.19 करोड़ से अधिक की सहायता
आर्थिक सहयोग से मजबूत हो रहा सुरक्षित मातृत्व का सपना
कवर्धा 7 मार्च 2026। गर्भावस्था एक ऐसा पड़ाव है जहाँ ममता के साथ-साथ विशेष देखभाल की भी आवश्यकता होती है। सही पोषण और उचित चिकित्सा जांच न केवल माँ, बल्कि आने वाले शिशु के सुनहरे भविष्य के लिए अनिवार्य है। आर्थिक चुनौतियों को मात देकर माताओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
कबीरधाम जिले में इस योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल माताओं के स्वास्थ्य में सुधार आया है, बल्कि नवजात शिशुओं के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत हुई है। जिले में पिछले दो वर्षों के भीतर 18 हजार 41 गर्भवती महिलाओं को योजना के तहत कुल 7 करोड़ 19 लाख 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की गई है। गर्भावस्था का समय किसी भी महिला के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद संवेदनशील होता है। विशेषकर सीमित आय वाले परिवारों के लिए इस दौरान बेहतर खान-पान और नियमित डॉक्टरी जांच का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती होती है। इसी समस्या के समाधान के रूप में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।
कबीरधाम जिले की रहने वाली सरस्वती यादव बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान घर खर्च के साथ इलाज और पोषण का ध्यान रखना मुश्किल हो रहा था। फल, दूध और दवाइयों के लिए बार-बार सोचना पड़ता था। उन्हें चिंता रहती थी कि कहीं पोषण की कमी से बच्चे पर असर न पड़े। इसी दौरान गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में बताया। उन्होंने जरूरी कागजात के साथ आंगनबाड़ी केंद्र में आवेदन किया। कुछ समय बाद योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में आने लगी।
सरस्वती यादव को पहले बच्चे के लिए कुल 5 हजार रुपए की मदद मिली। श्रीमती सरस्वती कहती हैं कि यह पैसे हमारे लिए बहुत मददगार रही है। इससे अच्छा खाना, फल-दूध और दवाइयां ले पाई। जांच भी समय पर हो सकी। उन्होंने बताया कि पहले गर्भावस्था को लेकर डर बना रहता था, लेकिन योजना से मिली मदद से काफी राहत मिली। परिवार पर भी बोझ कम हुआ।प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना मातृत्व को सम्मान और सुरक्षा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना गर्भावस्था के दौरान ग्रामीण और कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहारा देकर उनके स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करती है।


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